आईएएस अधिकारी अनीता यादव ने आरटीआई एक्टिविस्ट को भेजा मान-हानि का नोटिस

गुडग़ांव के भूमि मामले में लगे आरोपों को तात्कालीन हुडा प्रशासक ने बेबुनियाद बताया*
 *चंडीगढ़(zeenexttimes@gmail.com) हरियाणा की 2004 बैच की आईएएस अधिकारी अनिता यादव ने गुडंगाव में हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण की प्रशासक रहते हुए सेक्टर 56 स्थित संजीवनी अस्पताल की साइट के मामले में किसी तरह की अनियमितता अपने स्तर पर बरतने के आरोपों को खारिज किया है। उन्होंने इस मामले में आरटीआई एक्टिविस्ट हरेंद्र धींगड़ा को अपने वकील के माध्यम से मान-हानि का नोटिस भी भेजा है। उन्होंने कहा इस मामले में गुरूग्राम के अतिरिक्त सत्र न्यायधीश के न्यायालय के आधार पर शिकायत दर्ज की गई है, हालांकि उन्हें विश्वास है कि न्यायिक प्रक्रिया के दौरान सभी तथ्य अपने आप साफ हो जाएंगे।
आईएएस अधिकारी ने मामले की पैरवी कर शिकायत दर्ज करवाने वाले हरेंद्र धींगड़ा को अपने अधिवक्ता के माध्यम से भेजे गए काूननी नोटिस में कहा कि उन पर जो आरोप लगाए गए हैं वे बेबुनियाद हैं। उन्होंने कहा मेरे मुवक्किल को निर्माण के समय के एक्सटैंशन आदि के संबंध में मामले से कोई लेना-देना नहीं है।
अधिवक्ता के माध्यम से अनीता यादव ने अपने नोटिस में कहा है कि उन पर यह आरोप भी पूरी तरह से गलत है कि लेट कंस्ट्रक्शन शुल्क से बचने के लिए संबंधित भूमि पर कब्जे की पेशकश में प्रशासक की किसी तरह की भूमिका रहीं और उनकी वजह से सरकारी खजाने को करोड़ों रुपए का नुकसान हुआ। आईएएस अधिकारी ने नोटिस में इस बात पर भी आपत्ति जताई कि मामले को प्रिंट,इलेक्ट्रोनिक मीडिया व सोशल मीडिया में इस मामले में उनके खिलाफ झूठे आरोपों को हवा दी गई है। अधिवक्ता ने धींगड़ा को नोटिस में कहा है कि इस आचरण से मुवक्क्लि यानि की आईएएस अनीता यादव को अपमानित किया है एवं मानिसिक उत्पीडऩ किया है। इससे उनकी प्रतिष्ठïा और पेशेवर जीवन में सम्मान के साथ-साथ सामाजिक दायरे में बहुत नुकसान हुआ है। विभिन्न  माध्यमों से किए गए भ्रामक प्रचार ने मेरे मुवक्किल की युवा बेटियों को बहुत मानसिक यातना दी है, जो  करियर के बहुत महत्वपूर्ण मोड़ पर हैं। कनिष्ठï कर्मियों, विभाग एवं सामाजिक दायरे प्रतिष्ठïा को धक्का लगा है। यादव ने आरटीआई एक्टिविस्ट को इस मामले में 15 दिन में माफी मांगने को कहा है और ऐसा न करने की सूरत में मानहानि का मामला उपयुक्त न्यायालय में ले जाने की बात कही है।
उधर इस मामले में अनीता यादव से बात करने पर उन्होंने काूननी नोटिस दिए जाने की पुष्टिï करते हुए स्पष्टï किया कि उन पर लगे आरोप गलत है। उन्होंने कहा किसी भी प्रापटी के पोजेशन देने, रिज्यूम कराना, अलाटमेंट कराने जैसे कार्य संपदा अधिकारी के अधिकार क्षेत्र का मामला है न कि प्रशासक के अधिकार क्षेत्र का।  उन्होंने कहा मैंने रिवाइज डिमार्केशन की है जो कि पूरी तरह नियमों के दायरे के अंतर्गत की है वह भी संपदा अधिकारी, डीटीपी, एसटीपी की संस्तुति के अनुरूप की गई है इससे अलावा उनका इस मामले में कहीं कोई हस्तक्षेप नहीं है। जो अनुमोदन अथवा कार्य किया है वह पूरी तरह नियमों के दायरे में रहकर किया है। इस मामले में कोई सच्चाई है तो वो केवल यही है कि उनकी छवि बिगाडऩे की कोशिश की गई है।
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