करियर काउंसलिंग पर आयोजित चार दिवसीय वेबिनार श्रृंखला संपन्न हुई

फरीदाबाद : (zeeharyana.com/Sunita Sharma) जे.सी. बोस विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, वाईएमसीए, फरीदाबाद के इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग विभाग द्वारा शिक्षा और उद्योग के बीच कौशल अंतर भरने के उद्देश्य से ‘इंडस्ट्री-अकेडमी कनवर्जेंसः ब्रिजिंग द स्किल गैप’ विषय पर एक सप्ताह के ऑनलाइन फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम का आयोजन किया। यह कार्यक्रम टीईक्यूआईपी परियोजना के अंतर्गत आयोजित किया गया था।

कार्यक्रम का उद्घाटन कुलपति प्रो. दिनेश कुमार और उद्घाटन सत्र के मुख्य अतिथि श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय के कुलपति श्री राज नेहरू द्वारा किया गया। अपने संबोधन में प्रो. दिनेश कुमार ने विद्यार्थियों के कौशल विकास पर बल दिया तथा शैक्षिक संस्थानों में अनुसंधान की गुणवत्ता और उत्कृष्टता के लिए कौशल को आवश्यक बताया। इस अवसर पर बोलते हुए श्री. राज नेहरू ने जरूरी कौशल न होने के कारण युवाओं को रोजगार में आने वाली दिक्कतों को उजागर किया और कहा कि विद्यार्थियों के साथ-साथ शिक्षकों को भी उद्योग का व्यावहारिक अनुभव होना चाहिए ताकि वे विद्यार्थियों की कौशल संबंधी जरूरतों को बेहतर ढंग से समझ सके।

कार्यक्रम में हरियाणा के विभिन्न कॉलेजों के अलावा चेन्नई, कानपुर, बनारस, लखनऊ और गाजियाबाद के शिक्षण संस्थानों से प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम का समन्वयन नीतू गुप्ता और सोनम खेरा द्वारा किया गया था। आयोजन सचिव डॉ. प्रदीप डिमरी की देखरेख में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।

कार्यक्रम के अंत में डॉ. मुनीष वशिष्ठ ने कार्यक्रम का सारांश दिया और कुलसचिव डॉ. सुनील कुमार गर्ग ने धन्यवाद प्रस्ताव रखा। विभाग की अध्यक्षा डॉ. नीलम तुर्क ने सभी विशेषज्ञ वक्ताओें का आभार व्यक्त किया तथा कार्यक्रम की सफलता पर प्रतिभागियों और संपूर्ण आयोजन टीम को भी बधाई दी।

अंतिम दिन, युनिवर्सिटी आफ सिडनी से सामाजिक सांकेतिकता में विशेषज्ञ डॉ. अहमर महबूब तथा बिट्स मिसरा, नोएडा परिसर से व्यवहार परिवर्तन संचार में विशेषज्ञ डॉ. सुपर्णा दत्ता विशिष्ट अतिथि तथा आमंत्रित वक्ता रहे। इस सत्र में 80 से ज्यादा विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया। सत्र की अध्यक्षता विभाग के अध्यक्ष डॉ. अतुल मिश्रा ने की। सत्र का समन्वयन डॉ. दिव्यज्योति सिंह, चाहिता बैनर्जी और आदित्य कुमार द्वारा किया गया।

वेबिनार ने ‘एनीमेशन और मल्टीमीडिया टेक्नोलॉजी’ के क्षेत्र में करियर विकल्पों से विद्यार्थियों को अवगत करवाया गया। डॉ. सुपर्णा दत्ता विद्यार्थियों को एनिमेशन उद्योग में अवसरों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि एनीमेशन में डिग्री कोर्स करने वाले विद्यार्थी ग्राफिक डिजाइनर, 2डी और 3डी एनिमेटर, विजुअलाइजर, वेब डिजाइनर और कई तरह की नौकरी की भूमिका निभा सकते हैं।
डॉ. अहमर महबूब ने सामाजिक- सांकेतिकता के बारे में विचार साझा किये और बताया कि कैसे भाषा को अलग-अलग इंद्रियों से अभिव्यक्त किया जा सकता है। उन्होंने भाषा और भाषा विज्ञान के बारे में अपने असाधारण पेचीदा विचारों के साथ सबाल्टर्न भाषाविज्ञान की जानकारी दी।

सत्र में विशेष आमंत्रित वक्ता के रूप में सॉफ्टवेयर इंजीनियर बीनिश खान ने एनीमेशन का महत्व और युवा दिमाग पर वीडियो के प्रभावों को लेकर जानकारी दी।
वेबिनार के अंत में बिरला इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, मिसरा के सहयोग से जे. सी. बोस विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित ’एनीमेशन प्रतियोगिता’ की घोषणा की गई, जो सभी के लिए ओपन है तथा प्रतियोगिता में प्रविष्टियां जमा करवाने की अंतिम तिथि 15 जुलाई 2020 है।

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