निलंबन व उत्पीड़न की कार्यवाही रदद् नही हुई तो सड़कों पर उतरेंगे कर्मचारी: सन्तराम लाम्बा

फरीदाबाद : (zeeharyana.com/Sunita Sharma) केन्द्रीय परिषद के आव्हान पर घोषित कार्यक्रमों में आज हरियाणा स्टेट इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड वर्कर यूनियन दवारा सर्कल फरीदाबाद की चारों डिवीजन जिसमे ओल्ड फरीदाबाद, एनआईटी फरीदाबाद, बल्लभगढ़ व ग्रेटर फरीदाबाद के अंतर्गत आने वाली सबडिवीजनों पर जींद में नाजायज तरीके से पाँच कर्मचारियों की बर्खास्तगी और उन पर झूठे आरोप लगाकर दर्ज कराई गई एफआईआर से फूटे गुस्से पर लामबन्द होकर कर्मचारियों के समर्थन में मोर्चा खोलते हुए सर्कल सचिव सन्तराम लाम्बा के नेतृत्व में निगम मैनेजमेन्ट व एसडीओ जींद के तानाशाही रविये खिलाफ एक घंटे का विरोध प्रदर्शन करते हुए सभी दफ्तरों पर जोरदार नारेबाजी की

डिवीजन ओल्ड फरीदाबाद प्रधान लेखराज चौधरी, सचिव जयभगवान अन्तिल ने बताया कि एचएसईबी वर्कर्स यूनियन जींद सर्कल में अपने कर्मचारियों की जायज माँगों को लेकर जब कर्मचारी नेता एसडीओ से मिले तो उसके ग़ैर जिम्मेदारान रविये को देख हक-बक रह गए । एसडीओ द्वारा कर्मचारियों को जातिसूचक व आपत्तिजनक कहे गए शब्दों को देख कर्मचारी प्रदर्शन करने को मजबूर हुए । बावजूद इसके शान्तिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहे उन कर्मचारियों पर मंधडंग आरोप लगा 05 कर्मचारियों पर एफआईआर सहित 50-60 कर्मचारियों को नामजद की कार्यवाही व सस्पेन्ड किये जाने से कर्मचारी ओर भड़क गए जिससे यह मामला आग की तरह ओर उग्र हो गया ।

बल्लभगढ़ प्रधान कर्मवीर यादव, सचिव मदनगोपाल ने कहा अगर कर्मचारियों के खिलाफ हुई एफआईआर को रद्द नही किया गया व निलंबन की कार्यवाही को यथाशीघ्र बहाल नही किया गया । तो यह प्रदर्शन आगे पूरे हरियाणा में एक बड़े आंदोलन का रूप लेगा और प्रत्येक कर्मचारी इसमें आन्दोलित होगा । एनआईटी प्रधान विनोद कुमार, सचिव बृजपाल ने कहा कि आयेदिन सरकार व निगम अधिकारी कर्मचारियों को प्रताड़ित करने में नित नये-नये फरमान जारी कर रहे हैं । कभी ट्रांसफर पोलिसी लागू करना तो कभी ठेकेदारी प्रथा को बढ़ावा देकर कर्मचारियों का खूब शोषण किया जा रहा है । जिसे कर्मचारी बर्दाश्त नही करेगा । ग्रेटर फरीदाबाद प्रधान सुनील कुमार, सचिव वीरसिंह ने बताया कि आज जानबूझकर अधिकारी वर्ग कर्मचारियों को प्रताड़ित करने कोई कसर नही छोड़ते हैं । उलजुलूल फरमान जारी करने की ऐसी परिस्तिथियां अधिकारियों द्वारा पैदा की जाती हैं । कर्मचारियों को बदनाम कर निगम के भ्रष्ट अधिकारी ठेकेदार के मार्फत से अपने कमीशन खोरी में मशगूल रहते हैं ।

कर्मचारियों के कामों और उनकी समस्याओं को समाधान समय ना करके अधिकारी वर्ग, कर्मचारी यूनियन और प्रदेश की सरकार के साथ आपसी टकराव को जानबूझकर पैदा कराते हैं । जींद सर्कल में कर्मचारियों के ऊपर हुई दमनात्मक की कार्यवाही ऐसी ही स्तिथि का जीता जागता नमूना है । प्रदेश सरकार को ऐसे भ्रष्ट अधिकारियों को चिन्हित करना चाहिये जो आमजन से सरोकार रखने वाले विभाग का नुक्सान करने और लूटने में अपनी भूमिका निभाते हैं ।

यदि कर्मचारियों के साथ की गई उत्पीड़न की कार्यवाही को रदद् नही किया गया तो कर्मचारी आंदोलन के अगले पड़ाव पर सड़कों पर भी उतरने को मजबूर होगा प्रदेश का बिजली कर्मचारी और इससे गर शान्ति व्यवस्था में कोई अड़चन पैदा होगी तो इसके लिये निगम प्रशासन और बिजली निगम का मैनेजमेन्ट वर्ग जिम्मेदार होगा । शान्तिपूर्ण प्रदर्शन ओर तूल देने का काम अधिकारियों की ओर से दिया जा रहा है । जिसे कर्मचारी और एचएसईबी वर्कर यूनियन कतई बर्दाश्त नही करेगा ।

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