अशोक बुवानीवाला ने दी मीडिया के प्रेस दिवस की शुभकामनाएँ

भिवानी, (केशव ठाकुर)। मीडिया को समाज का दर्पण एवं दीपक दोनों माना जाता है। दर्पण का काम है समतल दर्पण का तरह काम करना ताकि वह समाज की हू-ब-हू तस्वीर समाज के सामने पेश कर सकें। ये बात हरियाणा प्रदेश कांग्रेस के पूर्व प्रवक्ता अशोक बुवानीवाला ने आज राष्ट्रीय प्रैस दिवस के अवसर पर कही। उन्होंने कहा कि कभी-कभी निहित स्वार्थों के कारण मीडिया समतल दर्पण का जगह उत्तल या अवतल दर्पण का तरह काम करने लग जाते हैं। इससे समाज की उल्टी, अवास्तविक, काल्पनिक एवं विकृत तस्वीर भी सामने आ जाती है। बुवानीवाला ने कहा कि मीडिया को चाहिए कि सनसनी फैलानी वाले भ्रामक खबरों के बजाए तथ्यपूर्ण खबरों को ही जनता के सामने प्रस्तुत करें। ताकि देश में आपसी सौहार्द एवं सद्भाव बना रहें। बुवानीवाला ने कहा कि राष्ट्रीय प्रैस दिवस, प्रेस की स्वतंत्रता एवं जिम्मेदारियों की ओर हमारा ध्यान आकृष्ट करता है। आज पत्रकारिता का क्षेत्र व्यापक हो गया है। पत्रकारिता जन-जन तक सूचनात्मक, शिक्षाप्रद एवं मनोरंजनात्मक संदेश पहुँचाने की कला एंव विधा है। उन्होंने कहा कि प्रथम प्रेस आयोग ने भारत में प्रेस की स्वतंत्रता की रक्षा एवं पत्रकारिता में उच्च आदर्श कायम करने के उद्देश्य से एक प्रेस परिषद की कल्पना की थी। परिणाम स्वरूप चार जुलाई 1966 को भारत में प्रेस परिषद की स्थापना की गई जिसने 16 नंवबर 1966 से अपना विधिवत कार्य शुरू किया। तब से देश में  प्रतिवर्ष 16 नवंबर को राष्ट्रीय प्रेस दिवस के रूप में मनाया जाता है। बुवानीवाला ने कहा कि हमारा समाज परिवर्तनशील है जिस कारण इसमें विकल्प उत्पन्न होते रहते हैं। ऐसी अवस्था में समाज अमंजस की स्थिति में आ जाता है। इस स्थिति में मीडिया समाज को नई दिशा देता है। बुवानीवाला ने सभी पत्रकार साथियों को राष्ट्रीय प्रेस दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि राष्ट्रीय प्रेस दिवस के अवसर पर देश की बदलती पत्रकारिता का स्वागत है लेकिन पत्रकारिता की भी जिम्मेदारी बनती है कि वह अपने मूल्यों और आदर्शों की सीमा-रेखा कायम रखें।

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