फुल मस्ती , धूम धड़ाका @ सूरजकुंड मेला

Faridabad/zeeharyana.com : सूरजकुंड अंतर्राष्ट्रीय मेला मंगलवार को पूरी तरह प्यार के रंग में रंगा दिखा। वेलेंटाइन डे के मौके पर मेले में युवा दर्शकों की भारी भीड़ उमड़ी। मेले की चौपाल, फूडकोर्ट, स्टालों पर प्रेमी जोड़ों को साथ घूमते देखा गया। वहीं मेले की खूबसूरत जगहों पर युवा दोस्तों संग सेल्फी लेते नजर आए। मेले में हर तरफ युवाओं की टोली मौज-मस्ती करती दिखी। विदेशी स्टालों पर दोस्तों ने एक-दूसरे के लिए खूबसूरत उपहार खरीदे। तो वहीं मेले में ढोल की थाप पर थिरकते नजर आए।
स्वर्ण जयंती ३१वें सूरजकुंड क्रा3ट मेले में चौपाल पर मंगलवार को भी सांस्कृतिक कार्यक्रमों की धूम रही। चौपाल पर पूरा दिन देश के विभिन्न राज्यों के पारंपरिक लोक नृत्यों की धूम रही। कलाकारों ने यहां बेहतरीन प्रस्तुती ही और दर्शकों ने भी उनका तालियां बजाकर स्वागत किया।

शिल्प मेले में आज हरियाणा के मुखयमं0त्री श्री मनोहर लाल के आदेशानुसार महिला एवं बाल विकास विभाग के सौजन्य से देखभाल संस्थान और संरक्षण संस्थान में रह रहे बच्चों को सूरजकुण्ड मेला का भ्रमण करवाया गया। इन बच्चों को इस मेले में निशुल्क प्रवेश करवाया गया और इनके साथ आए अधिकारियों व कर्मचारियों ने इन बच्चों को जानकारी देने के लिए मेला प्राधिकरण के ओर से गाइड मुहैया करवाया गया।

मध्यप्रदेश, बृज, पंजाबी कलाकारों की प्रस्तुति रही खास कालबेलिया लोकनृत्य पेश कर राजस्थान की परंपरा के दर्शन कराए तो वहीं भांगड़ा के जरिए पंजाब की संस्कृति के रंग झलकाए। मौका था चौपाल पर स्कूली बच्चों की ओर से हुए रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों के आयोजन का। सूरजकुंड मेले में मंगलवार को स्कूली बच्चों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम पेश कर समां बांधा। इसके अलावा देश के विभिन्न राज्यों सहित विदेशी कलाकारों ने भी विविध कला के रंग दिखा।

स्कूली बच्चों ने कार्यक्रमों के जरिए बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ का संदेश भी दिया। मानव रचना इंटरनेशनल स्कूल के बच्चों ने नृत्य नाटिका के जरिए समाज में बदलाव लाने की जरूरत को दशार्या। साथ ही लोगों को स्वच्छ भारत और बेटी बचाओ जैसे अभियानों में भागीदारी निभाने का संदेश दिया। इसके अलावा ग्रांड कोलंबस स्कूल के छात्रों ने डांस ड्रामा पेश कर बेटी अनमोल का संदेश दिया। साथ ही बेटियों की सुरक्षा के लिए सभी से अपील करते हुए एसिड अटैक पर कटाक्ष किया।

काल्यो कूद पड़ो मेले साइकल पंचर कर लायो…गाने के साथ छोटी चौपाल पर रंगारंग कार्यक्रम की शुरुआत हुई। ओल्ड फरीदाबाद स्थित राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय की छात्राओं ने राजस्थानी कालबेलिया पेश कर खूब वाहवाही लूटी। वहीं चौपाल पर ग्रांड कोलंबस स्कूल के छात्रों ने भांगड़ा पेश कर सभी को झूमने पर मजबूर किया। वहीं गुजरात से आई छात्राओं ने भी प्रस्तुति से तालिया बटोरी। इसके अलावा बृज के कलाकारों ने मयूर नृत्य पेश कर राधा-कृष्ण के प्रेम को दर्शाया। तो वहीं उतराखंड से आए कलाकारों ने छपेली लोकनृत्य के जरिए खुशी जताई। मध्य प्रदेश, यूपी और पंजाब के कलाकारों ने भी दिल जीता। विदेशी कलाकारों की बात करें तो कंबोडिया, दक्षिण अफ्रीका की प्रस्तुतियां खास रहीं।

चौपाल पर झारखंड, उड़ी और पश्चिम बंगाल के विभिन्न जिलों में ढोल और नगाड़े की धुन पर गाए जाने वाले पारंपरिक लोक नृत्य प्रस्तुत किए। इन लोक नृत्यों में वहां के आदिवासी क्षेत्रों के जीवन को भी दर्शाने की कौशिश की गई। इसके बाद की प्रस्तुतियों में उत्ताराखंड के कलाकारों ने वहां के छवेली नृत्य प्रस्तुत किया। इसके साथ ही पंजाबी गिद्धा की प्रस्तुती के साथ भी दिन के समय कलाकारों ने जमकर समां बांधा।

इसके साथ ही पाटर्नर कंट्री इजिप्ट के कलाकारों ने मंगलवार को भी अपनी प्रस्तुती जारी रखी। भारत-मिश्र दोस्ती के संदेश के सात उन्होंने दर्शकों की जमकर वाहवाही लूटी। इसके बाद तजाकिस्तान के कलाकारों ने अपने कार्यक्रमों की प्रस्तुती दी।

अगर आप घर में ऐसा सामान चाहते हैं जो इस्तेमाल होने के साथ ही सेहत के लिहाज से भी बेहतर हो, तो बेलारूस के स्टाल पर शिल्पकला के जरिए ये इच्छा पूरी कर सकते हैं। यूरोप के बेलारूस से कई शिल्पकार मेले में ऑर्गेनिक शिल्पकारी का नमूना लेकर पहुंचे हैं। स्टाल पर मौजूद खूबसूरत आइटम लोगों को खूब पसंद आ रहे हैं। इन एंटीक सामानों की सुंदरता देखते ही बनती। स्टाल पर लकड़ी की स्ट्रॉ से बने खूबसूरत आइटम मौजूद हैं। स्ट्रॉ से शिल्पकारों ने सुंदर डॉल्स, हैंगिंग, कीरिंग जैसे कई जरूरत के सामान बेहद खूबसूरत तरीके से बनाए हैं। इसके अलावा ऑर्गेनिक ज्वेलरी, बैग, पर्स, वॉलेट और डेकोरेटिव आइटम भी आपको खूब पसंद आएंगे।

लैदर को खूबसूरत कारीगरी से सजाने में माहिर हैं राजगोपाल लैदर की मजबूती अगर आपकी पसंद है, लेकिन इनकी सादगी से उब चुके हैं तो पुडुचेरी के राजगोपाल आपके लिए मेले में कुछ अलग लेकर आए हैं। लैदर के आइटम को महीन कारीगरी के साथ खूबसूरत सामानों में बदल देना इनकी खासियत है। कई राज्यों के अलावा विदेशों तक भी ग्राहक इनकी कला के मुरीद हैं।

पुडुचेरी से शिल्पकार राजगोपाल पहली बार फाइन लैदर वर्क की कला लेकर मेले में पहुंचे हैं। बताते हैं कि ये कला पुश्तैनी है और सालों से उनके परिवार के सदस्य इस कला में महारथ हासिल किए हुए हैं। दादा और पापा से इस कला को सीखने के बाद पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के हाथों राष्ट्रीय पुरस्कार से समानित हो चुके हैं। राजगोपाल बताते हैं कि ये कला पुश्तैनी है, लेकिन पुडुचेरी में काफी लोग इस कला से जुड़े हुए हैं। लैदर के आइटम आमतौर पर सादे होते हैं, लेकिन उन्हें कारीगरी के जरिए इन्हें खूबसूरत और कलात्मक बनाते हैं। शुद्ध लैदर के आइटम पर एंटीक कारीगरी इनकी खासियत है।

मेले को और अधिक आकर्षक बनाने के लिए गन्ने का खेत और अपना घर में अलग-अलग अंदाज में गांवों का जीवन दिखाया गया है। यहां आप हरियाणा की संस्कृति से जुड़ी पगडिय़ां देख सकते हैं और बंधवा सकते हैं। ताऊ के रंग के साथ अलग-अलग मास्क लटकाए गए हैं। कहीं टोकरियां बनाते हुए ग्रामीण और कहीं हु1के के साथ बैठे लोगों का हुजूम भी मेले में साफ नजर आ रहा है।

सूरजकुंड मेले में अगले वर्ष गीता जयंती समारोह का स्टाल पर नजर आ सकता है। वहीं कुरुक्षेत्र में होने वाले अंतर्राष्ट्रीय गीता जयंती समारोह में सूरजकुंड मेले की तर्ज पर इस साल प्रतिभागी देश को शामिल करने की कोशिश की जाएगी। इसपर कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड के सदस्यों ने मंगलवार को चर्चा की। गीता जयंती समारोह को सूरजकुंड मेले की तर्ज पर बनाने के लिए मंगलवार को कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड के आठ सदस्यीय दल ने मेले का दौरा किया। गीता के प्रचार के लिए अंतर्राष्ट्रीय स्तर इस साल ज्यादा लोग जुड़े प्रबंधक राजीव शर्मा, सहायक अमर सिंह, एलएसी अश्विनी कुमार भारद्वाज, कृष्ण चंद रंगा, राजेंद्र जोशी सहित श्रीकृष्ण संग्रहालय के राजेंद्र सिंह राणा शामिल रहे।
अंतर्राष्ट्रीय सूरजकुंड मेले में वेलेंटाइन डे को खास बनाने के लिए लोगों ने परिजनों की फोटो वाले डाक टिकट बनवाए। डाक विभाग की ओर से दी गई इस सुविधा का लाभ वेलेंटाइन डे पर प्रेमी जोड़ों ने खूब उठाया। इसका अंदाजा इसी बात से लगाता जा सकता है कि आम दिनों पर जहां अधिकतम दस लोगों ने डाक टिकट बनवाए थे। वहीं मंगलवार को दोगुने लोग डाक टिकट बनवाने पहुंचे। गौरतलब है कि मेले में डाक विभाग की ओर से खास कोना बनाया गया है। यहां पर मेले में आने वाले लोगों को परिजनों के नाम से डाक टिकट बनवाने की सुविधा भी दी गई है। सब पोस्ट मास्टर राकेश ने बताया कि मंगलवार को सबसे ज्यादा लोगों ने डाक टिकट बनवाने के ऑर्डर दिए हैं। उन्होंने बताया कि ये डाक टिकट लोग जरूरत पडऩे पर इस्तेमाल भी कर सकते हैं। इन्हें डाक के लिए वैद्य माना जाता है। डाक सहायक सुरेश कुमार ने बताया कि डाक टिकट तैयार करवाने के लिए आपको विभाग की ओर से दिए जा रहे पैर्टन को चुनकर अपसी फोटो उन्हें देनी होगी। तीन सौ रुपये में मात्र दस मिनट के भीतर डाक टिकट तैयार हो जाती हैं। सीनियर एडमिनिस्ट्रेटर संजय वर्मा ने बताया कि मंगलवार को सबसे ज्यादा लोगों ने डाक टिकट बनवाए हैं। लोग इस दिन को यादगार बनाने के लिए और दोस्तों को कुछ अलग तोहफा देने के लिए ये डाक टिक तैयार कराने आए हैं।
चौपाल पर देर शाम हरियाणा स्वर्ण जयंती महोत्सव कार्यक्रम का आयोजन हुआ। इस मौके पर हरियाणा के मशहूर गायक महावीर गुड्डु और हरविंदर राणा पहुंचे। बम लहरी गीत गाकर हरियाणा के मशहूर रागिनी गायक महाबीर गुडू ने श्रोताओं को झूमाया, तो वहीं भारत के कोणे कोणे में धूम मची हरियाणे की गाकर हरविंदर राणा ने हरियाणा का गुणगान किया। दोनों गायकों ने एक से बढक़र एक गाने गाए और सभी का खूब मनोरंजन किया।

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