मौजूदा पानी का समान बटवारा हो ताकि दक्षिणी हरियाणा व मेवात को भी पानी मिल सके- राव इन्द्रजीत सिंह

रेवाड़ी 3 मार्च- केन्द्रीय योजना एवं शहरी विकास राज्य मंत्री राव इन्द्रजीत सिंह ने सतलुज यमुना लिंक नहर दएसवाईएल½ के निर्माण के बारे में कहा है कि इस केस की सर्वोच्च न्यायालय में सुनवाई चल रही है तथा सर्वोच्च न्यायालय ने जो निर्णय दिया है कि यह पानी कितना है, और कितना नहीं है, इसका निर्णय बाद में होगा, पहले यह कैनाल बननी चाहिए।
राव इन्द्रजीत सिंह शुक्रवार को रेवाडी में एएनआई न्यूज ऐजंसी से बात कर रहे थे। उन्होने बताया कि 1.75 मिलियन फुट एकड पानी है इसका बकाया हिस्सा 3.2 एसवाईएल के माध्यम से आना है। उन्होने कहा कि एसवाईएल नहर बने उससे पहले जो मौजुदा पानी 1.78 मिलियन एकड मिल रहा है उसका समान बटवारा होना चाहिए ताकि दक्षिणी हरियाणा व मेवात सहित उन जिलों को भी पानी मिले जिनको समान पानी नहीं मिल रहा है। उन्होने कहा कि किसी का कोई हक न छिने ऐसी व्यव्स्था होनी चाहिए। केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि एसवाईएल के निर्माण के बाद जो पानी की वृद्धि होगी उसको भी समान रूप से बांटा जाना चाहिए।
डिफैंस यूनिवर्सिटी के बारे में उन्होने कहा कि इसके निर्माण के लिए पार्लंमैंट में एक्ट बनाना पडेगा जब वे रक्षा मंत्री थे तो उन्होने कुछ पैसा मंजूर करवा दिया था जिससे उसकी चार दिवारी बनने लग रही है चूंकि यह सैंट्रल यूनिवर्सिटी है इसको सैंट्रल पार्लंमैंट एक्ट से ही बनाना होगा। पहले यह मामला भी आया कि यह डिफैंस यूनिवर्सिटी है इसको बनाने का अख्तयार डिफैंस को ही दे दिया जाए लेकिन बाद में कैबिनेट का यह फैसला हुआ कि यह सैंट्रल एक्ट हैै तब विधी मंत्रालय ने सैंट्रल यूनिवर्सिटी को पार्लंमैंट एक्ट के माध्यम से बनाना होगा कोई एक विभाग इसे अकेला नहीं कर सकता। उन्होने कहा पार्लंमैंट में यह एक्ट पारित हो जाए इसका इंतजार कर रहे है। उन्होने बताया कि 9 मार्च से पार्लंमैंट का सत्र शुरू हो रहा है जो एक माह के लिए चलेगा इस सत्र के दौरान यूनिवर्सिटी एक्ट पारित हो जाए और डिफैंस यूनिवर्सिटी बन जाए।
राव इन्द्रजीत सिंह ने गुरूग्राम की ग्वाल पहाडी की जमीन के बारे में कहा कि इसमें दाल में काला लगता है क्योकि यह थोडी बहुत जमीन नहीं है, 400 एकड के लगभग यह जमीन है जो दो बार प्राईवेट हाथों में चली गई तथा दो बार सरकार के हाथों में आ गई। जिससे लग रहा है इसमें घपला हुआ है इसकी पूरे तरीके से तुरंत प्रभाव से जांच होनी चाहिए तथा जो इसमें दोषी है उसको सजा मिलनी चाहिए।
रेवाडी शहर के बाईपास निर्माण के बारे में उन्होने कहा कि मुख्यमंत्री 25 फरवरी को बावल में कृषि महाविद्यालय की आधारशिला रखने आये थे तो उन्होने इसके बारे में उन्हें याद दिलाया कि दो वर्ष पहले जो वादा किया था उसके अमल पर कोई कार्यवाही नजर नहीं आ रही है तो मुख्यमंत्री ने बताया कि अमल करने के लिए रेवाडी नारनौल रोड से लेकर झज्जर रोड तक प्रस्ताव एनसीआरबी के पास भेज दिया गया है कि हमें लोन दो इसकी मंजूरी मिलते ही निर्माण करवा दिया जाएगा, हालांकि यह सीएम की घोषणा में शामिल नहीं था इसके निर्माण के लिए वे स्वागत करते है लेकिन उन्होने बताया कि सीएम की मुख्य घोषणा यह थी कि राष्ट्रीय राजमार्ग नम्बर 8 से लेकर रेवाडी, नारनौल जो हाईवे बन गया है उसको जोडने के लिए बाईपास बनाया जाएगा। इसके लिए हम चाहते है कि मुख्य रूप से यह घोषणा 500 करोड रूपये से अधिक की थी जो एनएच-8 की तरफ से आनी थी उसका प्रस्ताव भारत सरकार व एनसीआर बोर्ड को भेज दे ताकि वे वाईस चेयरमैन व हरियाणा के नाते इसके निर्माण के लिए निश्चित रूप से कार्यवाही की जाएगी।    अमृत योजना के बारे में उन्होने कहा कि यह योजना प्रधानमंत्री नरेन्द्र भाई मोदी की है इस योजना के तहत जो शहर एक लाख से ज्यादा आबादी वाले है जिनके अन्दर पीने के पानी का अभाव है, जहां सोलिड मैनेजमैंट नहीं बन पा रहा है, तो उसके अन्दर सभी एक लाख से अधिक संख्या वाले शहरों को उसके अन्दर ले लेना चाहिए। इस योजना के तहत आधा पैसा केन्द्र व आधा पैसा राज्य खर्च करता है लेकिन हरियाणा ऐसा प्रान्त है जिसके अन्र्तगत कई शहरों की आबादी एक लाख से अधिक है लेकिन अमृत योजना का प्रस्ताव किसी भी शहर के लिए अभी तक भारत सरकार व शहरी विकास मंत्रालय को नहीं मिला है। यदि हरियाणा सरकार इस योजना के तहत प्रस्ताव भेजती है तो रेवाडी शहर सहित कई ऐसे शहरों में पीने के पानी, सोलिड वेस्ट मैनेजमैंट व सिवरेज इस योजना के माध्यम से हो जाएगे। उन्होने बताया कि रेवाडी नगर परिषद द्वारा 200 करोड रूपये का प्रस्ताव अमृत योजना के तहत हरियाणा सरकार के पास भेजा गया है जिसमें 100 करोड हरियाणा सरकार व 100 करोड भारत सरकार खर्च करेगी लेकिन इस प्रस्ताव को हरियाणा सरकार को हमारे पास भेजना चाहिए ताकि इसकी मंजूरी दिलवाई जा सके।

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