शराब का एक ठेका 9 करोड़ 50 लाख में बिका

चंडीगढ़. बुधवार को चंडीगढ़ में 2017-18 के लिए शराब के ठेकों के लिए नीलामी की गई। सुप्रीमकोर्ट के नेशनल हाइवे के नजदीक शराब के ठेकों पर पाबंदी लगने के बाद यह पहला मौका है जब चंडीगढ़ में शराब के एक ठेका 9 करोड़ 50 लाख में बिका। इतना प्रॉइज पहले कभी नहीं मिला। सेक्टर-42 का ठेका साढ़े 9 करोड़ में, जबकि सेक्टर-30 का ठेका 5.5 करोड़ में बिका।

जितनी पॉपुलेशन है, शराब का कोटा भी साल का उतना ही हो…

चंडीगढ़ की जितनी पॉपुलेशन है, अब हमारा शराब का कोटा भी साल का उतना ही हो गया है। इस साल 11 लाख पेटियों (इंडियन मेड फॉरेन लिकर, व्हिस्की) का कोटा चंडीगढ़ का रखा गया है। जबकि हमारी पॉपुलेशन भी 10.55 लाख की है। यानी चंडीगढ़ के पर पर्सन एक पेटी पूरे साल के लिए। दूसरी तरफ देखें तो फाइनेंशियल ईयर 2016-2017 में जितनी शराब 99 शराब के ठेकों ने पिलाई उससे ज्यादा इस बार जो 77 ठेके खुलेंगे वो पिलाएंगे।
हालांकि, इस साल 88 रेस्टोरेंट्स होटल और बार में शराब सर्व नहीं होगी और 22 ठेके परमानेंट बंद हो गए लेकिन शराब फिर भी ज्यादा बिकने के लिए पूरा इंतजाम प्रशासन ने कर दिया है। पिछले साल और इस साल को चंडीगढ़ के शराब के कोटे (इंडियन मेड फॉरेन लिकर) में 1 लाख पेटी का फर्क है। यानि पिछले साल जितना कोटा रखा गया था उससे १ लाख पेटी शराब की ज्यादा बिकने के लिए रखी गई है।
ये सिर्फ इसलिए कि जिन ठेकों को बंद किया गया है या फिर बार में लिकर सर्व करने पर पाबंदी लगाई गई है उनसे आने वाले रेवेन्यू की भरपाई हो सके।

स्टेट और नेशनल हाईवे के 500 मीटर के दायरे में होटल- रेस्टोरेंट्स में भी लिकर सर्व करने पर पाबंदी लग गई। अब चंडीगढ़ के होटेलियर प्रशासन द्वारा सड़कों की क्लासिफिकेशन को कोर्ट में चैलेंज करने जा रहा है। चंडीगढ़ होटल एंड रेस्टोरेंट्स एसोसिएशन प्रेसिडेंट अरविंदर पाल सिंह ने कहा कि सड़कों की क्लासिफिकेशन किस तरह से की गई है ये समझ नहीं रहा है। मांग है कि जो एरिया एमसी लिमिट में आता है वहां तो लिकर सर्व करने की परमिशन मिलनी ही चाहिए।

इस साल इतनी शराब पी गया चंडीगढ़…
2016-2017 में कुल 10 लाख पेटियां यानि 1.20 करोड़ बोतलें व्हिस्की की चंडीगढ़ के कोटे में रखी गई थी। इसमें से करीब 9.७० लाख पेटी शराब बिकी। यानि 1.१६ करोड़ बोतलें व्हिस्की की पी गई। वहीं बीयर की करीब 5.५० लाख पेटियां बिकी। यानि ६६ लाख बीयर की बोतल पूरे साल में खाली हुई।

करीब ५ से ६ लाख पेटियां बीयर की लगती हैं। इसका कोई कोटा फिक्स नहीं है। करीब एवरेज ६० से ६५ लाख बीयर की बोतलें हर साल चंडीगढ़ में लगती है।

इसमें इंडियन मेड फॉरेन लिकर 67.50 लाख प्रूफ लीटर और कंट्री लिकर 7.५० लाख प्रूफ लीटर।

इसमें इंडियन मेड फॉरेन लिकर ७४.२५ लाख प्रूफ लीटर और कंट्री लिकर ८.२५ लाख प्रूफ लीटर।

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