प्रदेश के पुलिस अधिकारियों ने केाटपा पर लिया प्रशिक्षण, अब प्रदेशभर में होगी कार्यवाही

गुरुग्राम : (zeeharyana.com/Sunita Sharma) प्रदेश पुलिस अधिकारियों ने तंबाकू व अन्य धूम्रपान उत्पादेां के दुष्प्रभावों को बुधवार को संबध हैल्थ फाउंडेशन (एसएचएफ), फोर्टिस फाउंडेशन व पुलिस की और से पुलिस प्रशिक्षण केंद्र भोंडसी में सिगरेट एंव अन्य तम्बाखू उत्पाद अधिनियम (कोटपा 2003) पर तकनीकी जानकारी के लिए आयेाजित प्रशिक्षण के दौरान जाना। इस दौरान पुलिस के 1200 प्रशिक्षु पुलिस जवानों ने भी कोटपा के तंबाकू के दुष्प्रभाव के बारें में बताया गया। पुलिस महानिदेशक के निर्देश पर हुए इस प्रशिक्षण के बाद अब हरियाणा के सभी जिलेां के सभी पुलिस थाना क्षेत्रों में कोटपा एक्ट में चालान करने की कार्यवाही में तेजी लाई जायेगी, ताकि तंबाकू के बढ़ते दुष्प्रभाव को कम किया जा सके। प्रशिक्षण के दौरान स्थानीय पुलिसथानेां की टीम ने पुलिस अधिकारियों को केाटपा में चालान की कार्यवाही को समझाते हुए कोटपा में चालान भी काटे।
वायस आॅफ टोबेको विक्टिमस के पैट्रन व कैंसर सर्जन डा. वेदांत काबरा ने प्रशिक्षण के दौरान उपस्थित सभी पुलिस अधिकारियेां व नए प्रशिक्षु पुलिस जवानों को तंबाकू के दुष्प्रभावों से अवगत कराते हुए बताया गया कि तंबाकू से होने वाले कैंसर से तभी बचा जा सकता है जब हम इन पदार्थों से अपने को दूर रख सकें। इससे मानसिक और शारिरीक तनाव बढ़ता है, जो कि धीरे धीरे शरीर को नुकसान पहुचंाता है। इसलिए पुलिस की युवाअेां को तंबाकू जैसे खतरनाक जहर से बचाने में अह्म भूमिका हो सकती है।
उन्होने कहा कि वर्तमान में कैंसर के जो रोगी बढ़ रहे है, दुःख की बात यह है कि अभी जो मरीज आ रहे है उनमें अधिकतर युवा है। जिनकी उम्र मात्र 20 साल से 35 के बीच है। हालांकि पहले इस उम्र के लोगों में कैंसर कम होता था लेकिन अब इस उम्र में यह बढ़ रहा है। यंहा जितने लोगेां में कैंसर की पहचान हो जाती है उनमें से अधिकांश एक साल के अंदर ही दम तोड़ देते है। इसलिए पुलिस यदि समय रहते इन युवाअेां को इस प्रकार के नशों से रोकेगी तो इसका संदेश समाज में जाएगा।
डा.काबरा ने बताया कि तंबाकू व अन्य धूम्रपान उत्पादों में निकोटिन होता है जो कि बेहद खतरनाक होता है। इसकी लत बुरी हेाती है, इनमें केवल 5 प्रतिशत से कम लोग ही निकोटिन केा छोड़ पाते है। इसलिए हम सभी को मिलकर इसके लिए सकारात्मक ढंग से काम करना होगा। चिकित्सकेंा के साथ साथ पुलिस अधिकारियों का भी दायित्व बनता है कि वे इसे रोकने के लिए सिगरेट एंव अन्य तबंाकू उत्पाद अधिनियम (कोटपा 2003) का पूरी तरह से अनुपालना करावे। जिससे कि बच्चों व युवाअेां को इससे बचाया जा सके।
संबध हैल्थ फाउंडेशन (एसएचएफ) के सीनियर प्रोजेक्ट मैनेजर डा.सोमिल रस्तौगी ने बताया कि कोटपा की धारा 4, 5, 6अ, 6ब, 7 व जेजे एक्ट में किस प्रकार से कार्यवाही की जाती है। प्रशिक्षण के दौरान अधिकारियेां को बताया गया कि यदि कोटपा में चालान की कार्यवाही को नियमित रुप से किया जाये तो भी ऐसे जहरीले उत्पादेां के सेवन व बिक्री करने वालेां की संख्या में कमी आएगी। शिक्षण संस्थाअेां के आस पास एक सौ गज के दायरे में तंबाकू उत्पादों की बिक्री पर प्रतिबंध है।
प्रदेशभर में किशोर उम्र के जो लड़के लड़कियां धूम्रपान करतें है,उनमें से एक तिहाई से अधिक तंबाकू से जुड़ी बीमारियेां से पीड़ित होकर दम तोड़ देतें है। करीब 43 लाख लोग हरियाणा में तंबाकू का सेवन करते हैं। ग्लोबल एडल्ट टोबेको के सर्वे के अनुसार भारत में तंबाकू की लत 17 साल की उम्र में लग जाती है। ग्लोबल यूथ टोबेको के सर्वे में सामने आया कि भारत के 20 प्रतिशत से अधिक बच्चे तंबाकू के उत्पादों का प्रयोग करते हैं। प्रदेश में करीब 116 बच्चे प्रतिदिन तंबाकू उत्पादेां के सेवन की शुरुआत करते है, इनमें भी अधिकतर स्कूल व कालेजों में अध्ययन करने वाले शामिल है।
संबध हैल्थ फाउंडेशन (एसएचएफ) के ट्रस्ट्री संजय सेठ ने कहा कि हरियाणा पुलिस का यह कदम सराहनीय है। इस प्रशिक्षण से पुलिस अधिकारिेयों ने कोटपा के बारे में तकनीकी जानकारी ली है। जो कि इनके लिए मददगार साबित हेागी। केाटपा का प्रभावी क्रियान्वयन हो तभी तंबाकू के कारण समय से पहले होने वाली मौतों पर अंकुश लग सकेगा।
शिक्षण के दौरान पुलिस अधिकारियेां ने सेक्टर 56, 40, 29 व सुशांत लोक पुलिसथानेां की टीम के साथ जाकर चालान की कार्यवाही की। इस दैारान सार्वजनिक स्थानेां पर धूम्रपान करने वालों के 105 चालान कोटपा में काटे गए। वंही दुकानदारेंा को व सार्वजनिक स्थान पर इनका सेवन करने वालों को स्वाथ्य का हवाला देकर समझाइश भी की गई।
सार्वजनिक स्थान जैसे शासकीय कार्यालय, मनोरंजन केंद्र, पुस्तकालय, अस्पताल, स्टेडियम, होटल, शॉपिंग मॉल, कॉफी हाउस, निजी कार्यालय, न्यायालय परिसर, रेलवे स्टेशन, बस स्टॉप, सभागृह, लोक परिवहन, शिक्षण संस्थान, टी-स्टॉल, ढाबा और अन्य सार्वजनिक स्थान पर धूम्रपान प्रतिबंधित है। इन स्थानों पर धूम्रपान करने वालों पर 200 रुपए तक के जुर्माने का प्रावधान है।
तीन दिवसीय प्रशिक्षण में प्रदेश के 50 पुलिस अधिकारी प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे है। ये पुलिस अधिकारी यंहा से प्रशिक्षण के बाद अपने अपने पुलिस थाना क्षेत्रों में जाकर अन्य अधिकारियेां व जवानेंा को प्रशिक्षित करेंगे।
हरियाणा के सभी 22 जिलों के 50 पुलिस अधिकारी, संबध हैल्थ फाउंडेशन (एसएचएफ) के डा.सोमिल रस्तौगी, डा. हिना शेख़ , प्रमोद कुमार व जमुना प्रसाद गौतम भी उपस्थित रहे।
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