पेट में कीडों से मुक्ति के लिए 10 फरवरी को 01 वर्ष से 19 वर्ष तक आयु के बच्चों को दी जाएगी ‘एल्बेंडाजोल’ दवा

पलवल : (zeeharyana.com/Sunita Sharma) पेट में कीडों या कृमियों से मुक्ति के लिए 10 फरवरी को राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस के अंतर्गत सभी सरकारी विद्यालयों, सभी निजी विद्यालयों व सभी आंगनवाडी केन्द्रों में 01 वर्ष से 19 वर्ष आयु तक के बच्चों को एल्बेंडाजोल (कृमि नियंत्रण) की दवा दी जाएगी।

     उक्त जानकारी देते हुए सिविल सर्जन डॉ. बीर सिंह सहरावत ने बताया कि 10 फरवरी को 01 वर्ष से 02 वर्ष की आयु तक के सभी बच्चों को सभी आंगनवाडी केन्द्रों में एल्बेंडाजोल (कृमि नियंत्रण) की आधी गोली तथा 02 से 19 वर्ष तक के सभी बच्चों को पूरी गोली दी जाएगी।

    उन्होंने बताया कि सभी सरकारी विद्यालयों व सभी निजी विद्यालयों में 10 फरवरी को 01 वर्ष से 19 वर्ष आयु तक के बच्चों को एल्बेंडाजोल (कृमि नियंत्रण) दवा दी जाएगी तथा 10 फरवरी को एल्बेंडाजोल (कृमि नियंत्रण) दवा देने से छूट जाने वाले बच्चों को 15 फरवरी को एल्बेंडाजोल (कृमि नियंत्रण) दवा दी जाएगी। सिविल सर्जन द्वारा उक्त अभियान के संदर्भ में संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए हैं।

    जिला किशोर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. पुष्पा ने बताया कि एल्बेंडाजोल (कृमि नियंत्रण) दवा एक सुरक्षित दवा है। इस दवा का कोई भी साईड-इफेक्ट नहीं है। एल्बेंडाजोल (कृमि नियंत्रण) दवा पेट में कीडों या कृमियों को समाप्त करने के लिए दी जाती है। पेट में अधिक कीडे या कृमि होने की स्थिति में यह दवा देने पर बच्चें को हल्का से चक्कर या उल्टी हो सकती है। ऐसी स्थिति से घबराने की आवश्यकता नहीं है। ऐसी स्थिति में बच्चे को थोडे समय के लिए खुली हवा में लिटा दें व पानी पिला दें। इसके उपरांत 05-07 मिनट में ही बच्चा सामान्य अवस्था में आ जाता है। एल्बेंडाजोल (कृमि नियंत्रण) दवा बच्चों को दी जानी अनिवार्य है। पेट में होने वाले कीडे या कृमि से बच्चे के शरीर में खुराक नहीं लगती और बच्चा शारीरिक व मानसिक रूप से कमजोर होने लगता है। बच्चे के शरीर को अनेक बिमारियां होने लगती है। डॉ. पुष्पा का कहना है कि एल्बेंडाजोल (कृमि नियंत्रण) दवा का अभी तक कोई भी साईड-इफेक्ट जानकारी में नहीं आया है।

    एल्बेंडाजोल (कृमि नियंत्रण) दवा देते समय आवश्यक रूप से यह सावधानी बरतें कि बच्चा खाली पेट न हो अथवा बच्चे ने दवा लेने से पूर्व कुछ न कुछ भोजन अवश्य किया हो। उन्होंने ने अभिभावकों से अनुरोध किया है कि वे दवा देने वाले दिन अपने बच्चों को कुछ न कुछ भोजन खिलाकर भेजें। छोटे बच्चे होने के दृष्टिगत आंगनवाडी कार्यकर्ता सावधानी अवश्य बरतें कि एल्बेंडाजोल (कृमि नियंत्रण) दवा देने से पूर्व बच्चे खाली पेट न हों। दवा देने से पूर्व बच्चों को कुछ न कुछ भोजन खिलाया जाना अनिवार्य है।

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