फरीदाबाद सर्कल के तीनों कार्यकारी अभियंता कार्यालयों पर जमकर गरजे बिजलीकर्मी

फरीदाबाद : (zeeharyana.com/Sunita Sharma) प्रदेश सरकार की वायदाखिलाफी से खफा बिजली कर्मचारियों दवारा जारी आंदोलन के दूसरे चरण में फरीदाबाद की तीनों डिवीजनों में आक्रोश प्रदर्शन किया गया । जिसमें बिजली विभाग की डिवीजन ओल्ड फरीदाबाद के कार्यकारी अभियंता कार्यालय के सम्मुख दरी पर बैठ बिजली कर्मियों ने यूनिट ओल्ड फरीदाबाद प्रधान लेखराज चौधरी, यूनिट बल्लभगढ़ प्रधान कर्मबीर यादव व यूनिट एनआईटी फरीदाबाद प्रधान बलबीर कटारिया की अध्यक्षता में सरकार के प्रति अपना रोष जाहिर किया । जिसमे मंच का सफल संचालन ओल्ड यूनिट से जयभगवान अंतिल, बल्लबगढ़ यूनिट से मदनगोपाल शर्मा एवं एनआईटी यूनिट से बृजपाल तँवर ने करते हुए सरकार को आड़े हाथों लेकर बोले प्रदेश का कर्मचारी सरकार से अपने हक को लेकर आज संघर्षशील है किन्तु सरकार कर्मचारियों को कुछ देती भी है तो सिर्फ झूठे वायदे ना कि खरे वायदे ।

इस दौरान आक्रोशित कर्मचारीयों ने जमकर दो घंटे काम ठप्प कर सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मेघरूपी गरजे जिसमे फरीदाबाद सर्कल के तीनों जोनों में जारी प्रदर्शन में कर्मचारियों ने प्रदेश सरकार के खिलाफ हुँकार भर कड़े शब्दों में चेतावनी देते हुए बरसे और एक सुर में हरियाणा स्टेट इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड वर्कर यूनियन की आगामी 30 अक्टूबर राज्यव्यापी हड़ताल को सफल बनाने को लेकर लामबंद हुए । कर्मचारियों के इस विरोध प्रदर्शन के धरने को मुख्यतौर पर संबोधित करने पहुँचे फरीदाबाद बिजली वर्कर यूनियन के सर्कल सचिव सन्तराम लाम्बा एवं वरिष्ठ कर्मचारी नेता सुनील खटाना ने अपने संबोधन में कर्मचारियों को संबोधित करते हुए सरकार के खिलाफ आरोपों की झड़ी लगाते हुए बोले कि प्रदेश का कर्मचारी आज सड़कों पर हैं व अपनी माँगों के प्रति सरकार को जमकर कोस रहा है लेकिन सरकार को अपने ही बिजली कर्मचारियों की सुध लेने में आँखें मूँद मूकदर्शक बनी दिखाई प्रतीत हो रही है ।

सर्कल सचिव सन्तराम लाम्बा ने बताया कि जिन बातों को लेकर निगम मैनेजमेंट व सरकार से वार्ता हुई थी और उन्हें लागू करने का भरोसा भी केंद्रीय परिषद को दिया गया जिनमे बिजली कर्मचारियों की अपनी मुख्य माँगों में सम्मलित 19 सबडिवीजनों का ठेका रद्द कर निजीकरण समाप्त किया जाये, एनपीएस जो कि नई पेंशन प्रणाली को बन्द कर पुरानी पेंशन प्रणाली बहाल की जाये, पार्ट टाइम, डेली वेजिज, कॉन्ट्रैक्ट पर सीधे व ठेकेदारी पर बिजली निगमों में लगे कच्चे कर्मियों को नीति बना कर स्थाई रोजगार दिया जाये, सभी कार्यरत व सेवनिवृत कर्मियों को सीमारहित कैशलेस मेडिकल की सुविधा दी जाये, सभी निगमों में न्यायलय के समान वेतनमान दिए जाएं, जोखिम भत्ता 8000 दिया जाये, स्लोडा को बढ़ाकर कर्मचारी को फ्री यूनिट 1000 की जाये, सभी एडहॉक/तदर्थ कर्मी की सेवा को नियमित जोइनिंग तिथि से नियमित किया जाये, 18 साल की सेवा पश्चात एचपीजीसीएल में टेक्निशन को अतिरिक्त वरिष्ठ इंजीनियर बनाया जाए, सभी टेक्निकल कर्मी को शिफ्ट ड्यूटी भत्ता अलग से दिया जाए, सभी सर्कल कार्यालयों में सेकट्री फील्ड व डिवीजन कार्यालयों में सुप्रिडेंट लगाया जाए, निगम में जेई-I से एसडीओ का कोटा 35 % से 50 % किया जाए, 1995 की एक्सग्रेसिया पॉलिसी को लागू करना तथा बिजली लाइनों पर काम करते समय मृत्युउपरांत शहीद का दर्जा दिया जाना, तेल व मिसिंग पार्ट्स की शॉर्टेज की रकम टेक्निकल स्टाफ के खाते में डालनी की प्रथा बन्द करें, कर्मचारियों को रेलवे विभाग के अनुसार बोनस दें, सभी एलडीसी की आयु 45 वर्ष पर करने के बाद टाइप टेस्ट में छूट दी जाये, भटाष्टाचार की जननी पॉलिसी 2003 व 2014 बिजली बिल विधेयक को निरस्त किया जाये आदि अनेकों मुख्य मांगे को तत्परता से लागू किया जाने को लेकर आज प्रदेश का बिजली कर्मचारी आंदोलित है व सरकार से अपनी मांगों के विरोधस्वरूप संगठित होकर घोषित 30 अक्टूबर की हड़ताल को करने के लिये एकजुट है ।

विरोध प्रदर्शन के इस मौके पर राजाराम ठाकुर, सुनील, कृष्ण, योगेंद्र, बीरसिंह, वीरेंदर त्यागी, मुकेश शर्मा, पन्नालाल, बिसंदेव, सत्यनारायण, सुधीर, नरेश, अजादसिंह, राजबीर, शेरसिंह, अशोक लाम्बा, नारायण, जिनेश आदि हजारों कर्मियों ने हड़ताल की कामयाबी को लेकर कर्मचारियों को संबोधित कर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की ।

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