भ्रष्ट अफसरों और छुटभैये नेताओं द्वारा अवैध निर्माण के अवैध रेट : एक लाख से दस लाख तक में सब सैट

भ्रष्टाचार कैसे नगर निगम की नसों में समां गया है इसका जीता जागता नज़ारा के नहीं बल्कि कई मिल जायेगे , इससे पहले भी इनके एक पूर्व अधिकारी ने कहा था की लाखो की जमीन लेकर कोई घर थोड़े ही बनाएगा और हम भी कब तक रोकेंगे , ये सोच ही नरक निगम को ले डूबी और अवैध निर्माण के साथ साथ ग्रीनबेल्ट इन अवैध निर्माणों की पार्किंग बन गयी। सबसे बड़ी बात ये है की ये सब उद्योग और पर्यावरण मंत्री विपुल गोयल जी की विधानसभा और ग्रेटर फरीदाबाद की मास्टर रोड पर चल रहा है। जहां पर नरक निगम ने जिन जिन निर्माणों को तोड़ कर उनमे खिड़किया बनायी थी उन्ही में पहले के मुकाबले चार गुना बढ़ कर निर्माण करके लाखो का सेवा शुल्क भ्रष्ट अफसरों और छुटभैये नेताओं को जमा करवाया।
आज हम उस निर्माण की बात कर रहे है जो करीब 500 गज का है जिसमे बेसमेंट के साथ ग्राउंड पर शानदार कमर्सिअल काम्प्लेक्स बना दिया गया है। ये निर्माण सेक्टर 87 , srs रॉयल हिल्स के सामने मास्टर रोड पर चल रहा है जिन्होंने दिन रात पूरा महलात खड़ा कर दिया है और 2 अक्टूबर गांधी जयंती के दिन बहार से पुताई और होर्डिंग लगा दिया है ताकि निर्माण पुराना लगे , इतना ही नहीं अभी अंदर कार्य चल ही रहे है।
ये सब तब हो रहा है जब शहर के दो ईमानदार अफसर मोहम्मद शाइन और आशुतोष राजन छुट्टियों पर है और खुद उद्योगमंत्री विपुल गोयल भी बाहर है , इन सबकी अनुपस्थिति में नीचे के अफसरों और नेताओ को जैसे लूट मचाने का मौका मिल गया हो , इनकी अनुपस्थिति में जब हमने एक्स ई एन ओमबीर से पहले बात की थी तो ऐसा लगा की उन्हें वाकई कुछ नहीं पता उन्होंने तत्परता दिखाते हुए बोलै की इन पर कार्यवाही होगी। लेकिन तब से लेकर अब तक उन्होंने फोन ही नहीं उठाया अब ये तो उनसे बात करके ही पता चलेगा की वो वाकई व्यस्त थे या फिर कुछ और कारण था फोन ना उठाने का।
इन अवैध निर्माणों की शिकायत एक RTI कार्यकर्ता द्वारा CM विंडो पर होने जा रही है तब पता चलेगा की इस दलदल में कोण कोण फास्ट है , क्योकि यहाँ का सेवाशुल्क एक लाख से लेकर दस लाख तक जाता है। बात करने पर छुटभैये नेताओं के चमचो और नरक निगम के लोगो ने बताया की एक लाख से दस लाख में काम हो जाएगा , इससे छोटे मोटो में बाउजी हाथ नहीं डालते , अब देखना ये है की एक तरफ राजस्व की हानि और दूसरी तरफ ग्रीनबेल्ट पर कब्ज़ा करके पार्किंग बनाने पर पर्यावरण को नुक्सान। ये सब ऐसे ही चलते रहेंगे या किसी के कान पर कोई जूं रेंगेगी और इनके खिलाफ कार्यवाही होगी।
क्रमश :

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