फरीदबाद में एक युवती का अपहरण कर 4 साल तक बंधक बना कर दुष्कर्म करने का मामला सामने आया

फरीदबाद : (zeeharyana.com/Sunita Sharma) फरीदबाद में एक युवती का अपहरण कर 4 साल तक बंधक बना कर दुष्कर्म करने, उसके साथ मारपीट करने और लगभग डेढ़ महीने तक भूखा रखने का दिल दहला देने का मामला सामने आया है। युवती के शरीर पर चोट के इतने गहरे निशान हैं जिन्हें देखकर किसी की भी रूह कांप जाए। मौका पाकर चंगुल से भागी युवती रास्ते मे बेहोश हो कर गिर गई, सड़क किनारे बेहोश युवती को देखकर आस-पास मौजूद लोगों ने एक NGO को फोन कर बुलाया जिसने गंभीर हालात में युवती को सिविल अस्पताल में भर्ती करा दिया जहां उसका इलाज चल रहा है। फिलहाल पुलिस ने युवती के बयान पर मामला दर्ज कर आगे की कारवाई में शुरू कर दी है।
इस युवती की आंखों से झर-झर कर बह रहे आंसू, कंपकंपाती आवाज और शरीर पर पड़े जख्मों के गहरे निशान अपनी बदहाली और प्रताड़ना की कहानी बयां करने के लिए काफी हैं कि कैसे 4 साल तक इसने नरक रूपी जिंदगी को जिया है, अस्पताल के बिस्तर पर लेटी यह फरीदबाद की रहने वाली वही पीडिता है जिसे 4 साल पहले बहला-फुसला कर फरीदबाद का ही रहने वाला प्रदीप नाम का शख्स बरेली ले गया था, पीड़िता के मुताबिक अपहरणकर्ता प्रदीप ने इसे शादी का झांसा देकर लगातार 4 साल तक रेप किया इस दौरान युवती कई बार गर्भवती हुई लेकिन आरोपी प्रदीप ने हर बार जबरदस्ती उसका गर्भपात करवा दिया । पीड़िता के मुताबिक 8 महीने पहले आरोपी फरीदाबाद में रह रहे उसके भाई और मां के पास छोड़ गया लेकिन जब इसके साथ मारपीट, प्रताड़ना की दास्तां फिर शुरू हुई तो आरोपी प्रदीप के मंसूबे सामने आने लगे, जहां उसका छोटा भाई भी उसके साथ जबरदस्ती रेप करने लगा, पीड़िता के मुताबिक इसमें आरोपियों की मां भी पूरा सहयोग करती थी, पीड़ीता के मुताबिक ना तो उसे खाना दिया जाता था और ना ही कहीं बाहर जाने दिया जाता था बल्कि जब घर के लोग बाहर जाते थे तो उसे कमरे में बंद करके जाते थे, इतना ही नहीं पीड़िता ने बताया कि उसको खाने के लिए उस वक्त का इंतजार करना पड़ता था कि जब दूसरों की नजर बचे तो वो रसोई से कुछ चुरा कर खाले या चोरी छिपे पानी पी ले। वहीं 4 साल से गायब अपनी बेटी के मिलने के बाद जब उसकी मां से बात की गई तो ना तो मां के मुंह से कुछ शब्द बाहर आने को तैयार थे बस उसकी डबडबाई आवाज आरोपियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की मांग कर रही थी।
पीड़िता को अस्पताल पहुंचाने वाले एनजीओ संस्कार फाउंडेशन की प्रमिता चौधरी ने बताया कि कैसे उन्होंने लोगों के द्वारा सूचित करने पर बेहोश पड़ी युवती को फरीदाबाद के सिविल अस्पताल में भर्ती कराया और युवती के पास मिले आधार कार्ड के जरिए उन्होंने उसके उन मां-बाप को सुचित किया जिनको ये ही पता नहीं था कि उनकी लड़की जिंदा है या मर गई।
वहीं इस पूरे मामले पर जब पुलिस विभाग से बात की गई तो उन्होंने बताया कि पीड़ित युवती के बयानों के आधार पर शिकायत दर्ज कर ली गई है और इस मामले की जांच जारी है।
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