मंत्री जी के नाम की फुल धौंस , इसी लिए नगर निगम नहीं लगा पाया इसके अवैध निर्माणों पर एक खरोंच

ये स्वयंभू पार्षद कभी किसी एक का सगा नहीं रहा जब भी एक शीर्ष पद की कुर्सी का लालच मिला तो ये मंत्री जी की गोद से उछाल कर बड़े मंत्री जी की के चरणों में जा बैठा। इतिहास गवाह रहा है ये जहां बैठा उसी की गोभी खोदी। खेर जब बड़े मंत्री जी ने अपने खेमे में से वो शीर्ष पद किसी और को दिलवा दिया जिसके बाद ये फिर गुलाटी मारता हुआ वापस मंत्री जी की जी हुजूरी में लग गया। छोटे मंत्री जी ने भी बड़ा दिल करते हुए इसको पूरा मान सम्मान दिया। लेकिन इसने उस मान सम्मान का सौदा कर दिया और प्रशाशन को धोष दिखा कर हज़ारो गज जमीन पर अपनी पार्टी का कार्यालय बना दिया और किसी भी निगम अधिकारी हिम्मत नहीं होती थी की उसको वो तोड़ने की सोचे। कई बार निगम के दबंग अफसर क्रेन लेकर तोड़फोड़ के लिए गए भी मगर मंत्री जी का ख़ास चेला होने की वजह वहां से बेरंग लौटना पड़ा।
लेकिन जब ये बात मंत्री जी को पता चली तो उन्होंने खूब लताड़ा और कहा की किसी भी तरह के गलत काम में वो साथ नहीं देंगे चाहे वो मेरी ही पार्टी का आदमी हो। मंत्री जी के सामने इज्जत होते देख इसने वो अवैध निर्माण किसी दूसरे को चेप दिया। और जैसे ही ये मेसेज निगम को गया तो उन्होंने कार्यवाही करते हुए उन दुकानों को सील करके नोटिस जारी कर दिया। लेकिन इस भूमाफिया पार्षद ने अपने लालच में दूसरे को फसा दिया।
क्योकि इसने उस निर्माण को नगर निगम द्वारा ना तोड़ने की गारंटी ली हुयी है जिसके चलते पिछले हफ्ते ये पार्षद स्टे की कॉपी निगम अधिकारियो से दो पाया गया। जिसमे जॉइंट कमिश्नर ने कहा की एक हफ्ते का नोटिस देकर इस अवैध निर्माण पर कार्यवाही करि जायेगी।

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