सुभाष चंद्र बोस स्टेडियम में एक दिवसीय रबी किसान मेले का आयोजन

पलवल : (zeeharyana,com/Sunita Sharma) केंद्रीय मृदा लवणता अनुसंधान संस्थान करनाल एवं कृषि विभाग हरियाणा के सौजन्य से शुक्रवार को स्थानीय नेताजी सुभाष चंद्र बोस स्टेडियम में एक दिवसीय रबी किसान मेले का आयोजन किया गया। मेले का शुभारंभ हरियाणा पशुधन विकास बोर्ड के उपाध्यक्ष व केंद्रीय मृदा लवणता अनुसंधान संस्थान करनाल के सदस्य मेहरचंद गहलोत ने किया।

केंद्रीय मृदा लवणता अनुसंधान संस्थान के सदस्य मेहरचंद गहलोत ने मेले में किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विजन है कि किसानों की आय को दोगुना किया जाए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सपने को साकार करने के लिए केंद्रीय मृदा लवणता अनुसंधान संस्थान करनाल ने पलवल जिला के किसानों को जागरूक करने के लिए रबी मेले का आयोजन किया है। किसानों को उनके जिले में ही कृषि में हुए बदलावों, नवीनतम खोजों, कम लागत में अधिक उत्पादन करने के जानकारी प्रदान करने के लिए वर्तमान सरकार अब किसानों के द्वार पर आई है।

मेहरचंद गहलोत ने कहा कि फसल का अधिक उत्पादन लेने के लिए अधिकतर किसान अंधाधुंध रसायनिक खादों का प्रयोग कर रहे है। ऐसा करने से भूमि के स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव पड़ता है। किसान रसायनिक खादों की बजाय जैविक खेती करें। किसान फसल की बिजाई से पहले मिट्टïी व जल की जांच अवश्य करवाएं। मिट्टी की जांच के बाद यह पता लगाया जा सकता है कि मिट्टïी में किन पोषक तत्वों की कमी है। सोयल हेल्थ कार्ड के जरिए भूमि के स्वास्थ्य में सुधार किया जा सकता है। ऐसा करने से फसलों के उत्पादन में बढोत्तरी की जा सकती है। रबी किसान मेले में मिट्टïी व पानी की निशुल्क जांच की गई। किसानों को गेहूं की उन्नत बीजों, जिनमें के.आर.एल. 210, के.आर.एल. 213, के.आर.एल. 283 व सरसों सी.एस. 56, सी.एस. 58, सी.एस. 60 और करनाल चना किस्म के बारे में किसानों को जागरूक किया गया।
मेले में किसानों के लिए कृषि प्रदर्शनी, लवणीय एवं क्षारीय भूमि में सुधार की जानकारी दी गई। कृषि कार्य में खारे पानी के उपयोग, भूमिगत जल निकास प्रणाली के बारे में बताया गया। किसानों को फसलों के विविधीकरण एवं कृषि यंत्रों के बारे में तथा संरक्षण खेती और बहुउद्देश्ीय खेती करने के लिए किसानों को प्रेरित किया गया।

मेले में कृषि वैज्ञानिकों ने बताया कि जहां पर पानी की कमी है वहां पर ड्रिप विधि के माध्यम से खेती की जा सकती है। किसान जयप्रकाश ने कहा कि मेले में प्रदर्शित किए गए बीजों व कृषि की आधुनिक जानकारी किसानों को मिली है। कृषि वैज्ञानिकों ने नए कृषि यंत्र तैयार कर कृषि की नवीन तकनीक की खोज की है। उन्होंने कहा कि पुराने जमाने के कृषि यंत्रों से खेती करना मुश्किल है। वर्तमान में कृषि के आधुनिक यंत्रों से कृषि करके फसलों की पैदावार को बढाया जा सकता है। किसान कम लागत में अधिक पैदावार ले सकते है। किसानों ने कहा कि इस तरह के मेले रबी और खरीफ सीजन में अवश्य लगने चाहिए, ताकि समय-समय पर खेती की नई पद्घति के बारे में किसानों को जानकारी मिल सके।

इस अवसर पर भाजपा जिलाध्यक्ष जवाहर सिहं सौरोत, भाजपा किसान मोर्चा के उपाध्यक्ष भगत सिहं चौहान, पूर्व विधायक रामरतन, प्रगतिशील किसान क्लब के प्रधान बिजेंद्र दलाल, महेंद्र सिहं देशवाल, मनोज मंगला, हथीन मार्किट कमेटी के चेयरमैन लेखराज, कमल सौरोत, निदेशक प्रबोदचंद शर्मा, डा. डी.आर.के., डा. एस.के. दूबे, नोडल अधिकारी, अनिल कुमार, उपमंडल अधिकारी पलवल कुलदीप सिंह तेवतिया सहित गांवों से आए किसान मौजूद थे।

Tags

Related posts

*

*

Top