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धुआं रहित तम्बाकू दिल की बीमारी का बड़ा कारण, विश्व तंबाकू निषेध दिवस 2018 पर विशेष

धुआं रहित तम्बाकू दिल की बीमारी का बड़ा कारण, विश्व तंबाकू निषेध दिवस 2018 पर विशेष

नई दिल्ली: (zeeharyana.com/SunitaSharma)  दुनिया भर में आज का दिन (31मई) विश्व तंबाकू निषेध दिवस के रुप में मनाया जा रहा है, और   इसी 24 घंटे के दौरान देशभर में करीब 2739 लोग तंबाकू वअन्य धूम्रपान उत्पादों के कारण कैंसर व इससे होने वाली बीमारियों से दम तोड़ देंगे। इसकी रोकथाम के लिए विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने तंबाकू व अन्य धूम्रपानउत्पादों से होने वाली बीमारियों  और मौतों की  रोकथाम को ध्यान में रखकर इस वर्ष 2018 का  थीम ‘‘ टोबेको और कार्डियेावैस्कूलर डिजिज (तंबाकू और हृद्वय रोग ) ’’ रखा है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) और सहयोगी लोगों को तंबाकू और कार्डियोवैस्कुलर बीमारियों के बीच के संबंध के बारे में जागरूक  करेंगे, जिसमें हृद्याघात (स्ट्रोक)  भीशामिल है, जो दुनिया के मौत का प्रमुख कारण है। तंबाकू के उपयोग को रोगों के अंतर्राष्ट्रीय वर्गीकरण (आईसीडी -10) के तहत बीमारी के रूप में वर्गीकृत किया जाता है। ऐसा इसलिए है क्योंकि इसकी लत को छोड़ने की दर बहुतकम है। भारत में तंबाकू सेवन की लत को छोड़ने की दर केवल 3 प्रतिशत ही है। इस लत को छोड़ने की इतनी कम संभावना और तम्बाकू के उपयोग की इतनी अधिक आशंका केकारण बीमारियां बढ़ती है। तम्बाकू और इसके सेवन के प्रसार को सही ही तंबाकू महामारी कहा गया है। विशेषज्ञों ने आम लोगों में सामान्य रूप से प्रचलित  धुएं रहित या चबाने वाला तम्बाकू, सिगरेट और बिड़ी से सुरक्षित है और इससे  दिल की बीमारी नहीं होती की इस धारणा कोभ्रामक और गलत बताया है। विशेषज्ञों के मुताबिक, किसी भी रूप में तंबाकू का सेवन  स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। धूम्रपान या चबाने के रूप में तंबाकू का उपयोग कैंसर,हृदय रोग और अन्य गंभीर बीमारियों का कारण बनता है। वायस ऑफ टोबेको विक्टिमस के पैट्रन (वीओटीवी) व ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (एम्स) दिल्ली के प्रोफेसर और कार्डियक थोरैसिक और वेस्कुलर सर्जरी केप्रमुख डॉ. शिव चौधरी ने कहा, तंबाकू दुनिया में कार्डियो-वेस्कुलर मौत और अक्षमता का सबसे ज्यादा ज्ञात और रोकथाम योग्य कारण है। निकोटीन जैसे रसायन प्रकृति मेंसंक्रामक होते हैं जिससे कोरोनरी समस्याएं होती हैं। यह सर्वविदित है कि धूम्रपान हृदय रोग का खतरा बढ़ता है लेकिन तथ्य यह है कि तंबाकू के धुएं रहित रूप समान रूप सेहानिकारक हैं। ग्लोबल एडल्ट तंबाकू सर्वेक्षण (जीएटीएस -2) 2016-17 के अनुसार, भारत में धुआं रहित तंबाकू का सेवन धूम्रपान तम्बाकू से कहीं अधिक है। वर्तमान में 42.4 प्रतिशत पुरुष, 14.2 प्रतिशत महिलाएं और सभी वयस्कों में 28.6 प्रतिशत धूम्रपान करते हैं या फिर धुआं रहित तम्बाकू का उपयोग करते हैं। आंकड़ों के मुताबिक इस समय 19 प्रतिशत पुरुष, 2 प्रतिशत महिलाएं और 10.7 प्रतिशत वयस्क धूम्रपान करते हैं, जबकि 29 .6 प्रतिशत पुरुष, 12.8 प्रतिशत महिलाएं और 21.4 प्रतिशत वयस्क धुआं रहित तंबाकू का उपयोगकरते हैं। 19.9 करोड़ लोग धुआं रहित तंबाकू का उपयोग करते हैं जिनकी संख्या सिगरेट या बिड़ी का उपयोग करने वाले 10 करोड़ लोगों से कहीं अधिक हैं। सबसे चिंताजनक हैकि प्रतिवर्ष देशभर में 10 लाख लोग इससे दम तोड़ रहे है। वंही देशभर में 5500 बच्चे हर दिन तंबाकू सेवन की शुरुआत कर रहें है और वयस्क होने की आयु से पहले ही तम्बाकूके आदी हो जाते हैं। टाटा मेमोरियल अस्पताल, मुंबई के प्रोफेसर और सर्जिकल ओन्कोलॉजी डॉ. पंकज चतुर्वेदी ने कहा कि किसी भी रूप में तम्बाकू का सेवन  शरीर के किसी भी हिस्से को इसकेहानिकारक प्रभाव से नहीं बचाती। यहां तक कि धुआं रहित तंबाकू प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूपों में भी इसी तरह के दुष्प्रभाव का कारण बनता है। हमारे शरीर के अंगों को सीधेनुकसान पहुंचाने के अलावा, धुआं रहित तम्बाकू का उपभोग करने वाले लोगों में दिल के दौरे के बाद मृत्यु दर में काफी वृद्धि करता है। तम्बाकू के सभी उत्पादों और रूपों से आने वाले राजस्व की तुलना में सरकार के साथ-साथ समाज का तम्बाकू जनित बीमारियों की रोकथाम और उपचार पर होने वाला स्वास्थ्यपर खर्च कई गुना अधिक है। संबंध हेल्थ फाउंडेशन (एसएचएफ) के ट्रस्टी संजय सेठ ने कहा कि अनुमान है कि सभी कार्डियोवेस्कुलर (सीवी) रोग का लगभग 10  प्रतिशत का कारण तम्बाकू का उपयोग है।भारत में सीवी रोग की बड़ी संख्या को देखते हुए, इसका दुष्प्रभाव बहुत अधिक है। उन्होंने कहा कि जब सरकारें स्वास्थ्य देखभाल सुविधाओं की स्थापना के लिए बड़े पैमाने परबजट खर्च कर रही हैं, उन्हें रोकथाम की  रणनीतियों पर अधिक ध्यान देना चाहिए, जिनमें तम्बाकू उपयोग में कमी करना प्रमुख है। आज तम्बाकू निषेध दिवस पर हम सबको तंबाकू उत्पादों को अलविदा कहने का संकल्प लेना चाहिए ताकि आने वाले समय में हम इन आंकड़ेां को बदल पाये। अधिक जानकारी के लिए, कृपया संपर्क करें संजय सेठ ़ 91-9810311605

जीवा आयुर्वेद ने L&T काॅरपोरेट आॅफिस में योग व स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया।

  फरीदाबाद : (zeeharyana.com/Sunita Sharma) जीवा आयुर्वेद ने लार्सन एन्ड़ टूब्रो (L&T ) के फरीदाबाद स्थित काॅरपोरेट आॅफिस में चिकित्सा शिविर का आयोजन किया। कैम्प  में सीनियर आयुर्वेदाचार्य डाॅ0 मुकेश शर्मा ने आयुर्वेद, लाईफ-ंस्टाइल व स्ट्रेस के बारे में चर्चा की और 100 से अधिक उपस्थित स्टाफ व उनके पारिवारिक सदस्यों ने योगाचार्य श्री हरीश मोहन

शहरी स्वराज अभियान के तहत मेराथन का आयोजन – स्वछता के लिए दौड़े छात्र

फरीदाबाद : (zeeharyana.com/Sunita Sharma)   शहरी स्वराज अभियान के तहत आज फरीदाबाद में मेराथन का आयोजन किया गया । इस मेराथन दौड़ में फरीदाबाद के सैकड़ो छात्र – छात्राओं ने भाग लिया ओर शहर की सड़कों पर दौड़ कर लोगो को स्वछता के प्रति जागरूक किया । इस मौके पर नगर निगम के संयुक्त आयुक्त संदीप

स्वच्छ और स्मार्ट फरीदाबाद के लिए इंडियन ऑयल और हरियाणा सरकार की अनूठी पहल

फरीदाबाद : (zeeharyana.com/Sunita Sharma) वेस्ट मैनेजमेंट किसी भी शहर को स्वच्छ और स्मार्ट बनाने के लिए सबसे ज़्यादा अहमियत रखता है , जिसके लिए पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप बेहद ज़रूरी है । ये विचार कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल ने सेक्टर 13 स्थित इंडियन ऑयल रिसर्च एवं डेवलेपमेंट सेंटर में बायो मिथेनिशन प्लांट के लिए एमओयू साइन करने

जीवा आयुर्वेद में क्षारसूत्र चिकित्सा पर डाॅक्टर्स की सी एम ई का आयोजन

फरीदाबाद : (zeeharyana.com)  श्रेष्ठ आयुर्वेदिक उपचार व औषधि उपलब्ध कराने में निरन्तर अग्रणी जीवा आयुर्वेद ने 14 अप्रैल 2018 को जीवा आयुर्वेद पंचकर्म सेन्टर, सैक्टर-ं21बी, जीवा मार्ग पर इसकी वार्षिक सीएमई में क्षार सूत्र चिकित्सा परिचर्चा का आयोजन किया। जीवा आयुर्वेद द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य जीवा डाॅक्टर्स व प्राइवेट प्रैक्टिशनर्स को इस विधि की

जरूरत से अधिक जल का सेवन सेहत के लिए घातक : डा. परमेश्वर अरोड़ा

फरीदाबाद : (zeeharyana.com/Sunita Sharma) जल का अधिक मात्रा में सेवन शरीर को लाभ नहीं, अपितु नुकसान पहुंचाता है। आयुर्वेदिक पद्धति में पेट के रोग जैसे कब्ज व एसिडिटी पाचक अग्नि की मंदता के कारण उत्पन्न होते हैं तथा जल पाचक अग्रि की मंदता का मुख्य कारण होता है। यह विचार बनारस हिंदू विश्वविद्यालय से गोल्ड

पित्त की थैली में फंसा था 15 सेंटीमीटर लंबा कीड़ा, देरी होती तो जा सकती थी मरीज की जान

फरीदाबाद : (zeeharyana.com/Sunita Sharma) पेट दर्द को हल्के में न लें। अक्सर हम पेट दर्द को  हल्के में ले लेते हैं लेकिन पेट दर्द के एक ऐसे ही मामले ने डॉक्टरों को भी हैरान कर दिया। गौरतलब है कि 30 वर्षीय अकबरी फरीदाबाद के एक निजी अस्पताल में पेट मे तेज दर्द की शिकायत को लेकर

वसुन्धरा परिसर में मनाया गया आहारोत्सव

फरीदाबाद : (zeeharyana.com)  भुपानी लालपुर रोड स्थित सतयुग दर्शन वसुन्धरा जो हाथ में आता है वह खा लेता हूँ परन्तु उसका हमारीे दैनिक दिनचर्या एवं शरीर पर क्या असर होगा? इससे बेखबर हैं। परिणामस्वरूप मानसिक रोगों से ग्रस्त हो जाता है। इसी समस्या को दृष्टिगत रखते हुए सतयुग दर्शन वसुन्धरा में परिसर ऐसे आयोजन आयोजित किये

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