कांग्रेसी नेताओं की गिरफ्तारी के विरोध में जिले के कांग्रेसियों ने की आपात बैठक

फरीदाबाद। पूर्व सैनिक रामकिशन द्वारा दिल्ली के जंतर-मंतर पर आत्महत्या किए जाने के मामले में पीडि़तों का दुख बांटने जा रहे कांग्रेस के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राहुल गांधी, सीपीएल लीडर किरण चौधरी एवं राष्ट्रीय प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला को दिल्ली पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने से समूचे कांग्रेसी कार्यकर्ताओं में रोष की लहर दौड़ गई। हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष डा. अशोक तंवर के आह्वान पर आज जिले के कांग्रेसियों ने सेक्टर-16ए स्थित सर्किट हाऊस में एक आपात मीटिंग का आयोजन करके केंद्र की मोदी सरकार, राम मनोहर लाल लोहिया अस्पताल प्रशासन व दिल्ली पुलिस के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित करते हुए निर्णय लिया कि 3 नवंबर को बादशाह खान चौक पर कांग्रेसी कार्यकर्ताओं द्वारा मोदी सरकार के खिलाफ विरोध मार्च निकालते हुए सरकार का पुतला फूंका जाएगा। मीटिंग में मुख्य रूप से प्रदेश महासचिव राजकुमार तेवतिया, बलजीत कौशिक, पं. राजेंद्र शर्मा, प्रदेश सचिव सुमित गौड, प्रदेश सचिव दिनेश चंदीला, राकेश भड़ाना, इंदिरा गांधी जन्म शताब्दी समारोह कमेटी के प्रदेश प्रवक्ता विकास चौधरी, संगठन सचिव ललित भडाना, ज्ञानचंद आहुजा, नरेश गोदारा, महेंद्र शर्मा, अनीशपाल, संजय सैफी, उपस्थित थे। मीटिंग में कांग्रेसी नेताओं ने संयुक्त रूप से कहा कि रामकिशन ग्रेवाल भिवानी जिले के बम्भला गांव के रहने वाले थे और जंतर मंतर पर आज एक रैंक एक पैंशन को लेकर उन्होंने आत्महत्या कर ली। जब कांग्रेसी नेता इस दुखद घडी में शहीद सैनिक के परिजनों का दुख बांटने जा रहे थे तो अस्पताल प्रशासन ने उन्हें रोक लिया और दिल्ली पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता वहां कोई आंदोलन व प्रदर्शन करने नहीं बल्कि पूर्व शहीद सैनिक के परिजनों को सांत्वना देने के लिए जा रहे थे। परंतु केंद्र सरकार के ईशारे पर लोकतंत्र की हत्या करके कांग्रेसी नेताओं को हिरासत में ले लिया गया। इतना ही नहीं बल्कि पुलिस ने मृतक सैनिक के बेटे व उनके परिवार के सदस्यों से मारपीट की और उन्हें भी हिरासत में ले लिया। यह सब अंग्रेजी शासनकाल की याद ताजा करता है। कांग्रेसी नेताओं ने कहा कि इससे पूर्व जब हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष डा. अशोक तंवर को राममनोहर लोहिया अस्पताल में दाखिल करवाया गया था जो डाक्टरों ने साजिश के तहत सरकार के ईशारे पर उनके इलाज में लापरवाही बरती और गंभीर चोटें होने के बावजूद मेडिकल रिर्पाेट सही नहीं बनाई। उन्होंने कहा कि 6 अक्तूबर को हुई मारपीट के बाद आज तक भी दिल्ली पुलिस ने जानबूझकर एफआईआर दर्ज नहंी की है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ता भाजपा सरकार की इस तानाशाही को कतई बर्दाश्त नहीं करेगा और अगर जल्द ही केंद्र सरकार, अस्पताल प्रशासन व दिल्ली पुलिस ने इस मुद्दे में कांग्रेसी नेताओं से माफी नहीं मांगी तो कार्यकर्ता सडक़ों पर उतरकर सरकार की ईट से ईट बजा देंगे।

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