ई-व्यापार से देश का पैसा विदेशों में जा रहा है : बुवानीवाला

चंडीगढ़, (केशव ठाकुर)। जिस प्रकार देश में ई-व्यापार का का प्रचलन बढ़ रहा है उससे खुदरा व्यापारियों के सामने रोजी-रोटी बचाने का संकट उत्पन्न हो रहा है। इसलिए सरकार को ई-व्यापार पर अतिरिक्त कर लगाकर खुदरा व्यापार को बचाया जाए। ये बात जन उद्योग व्यापार संगठन के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष अशोक बुवानीवाला ने कही। प्रैस को जारी अपने ब्यान में उन्होंने कहा कि देश में ई-कॉमर्श का वर्तमान बाजार 90 हजार करोड़ से अधिक का है। जहां ई-कम्पनियों की वैल्यू बढ़ाने का गौरखधंधा हो रहा है और इसे घाटे का व्यापार दिखाकर लाखों करोड़ों की पूंजी ई-कम्पनियों द्वारा जुटाई जा रही है, जो गैर कानूनी है। बुवानीवाला ने कहा कि ई-व्यापार से देश का पैसा विदेशों में जा रहा है और परंपरागत खुदरा व्यापार ठप्प हो रहा है। बुवानीवाला ने कहा कि केन्द्र सरकार को देश के खुदरा एवं मध्यम व्यापारियों को बचाने के लिए ई-व्यापार पर अतिरिक्त कर लगाना चाहिए। बुवानीवाला ने कहा कि वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) में कर की दर को भी 18 प्रतिशत से अधिक न रखा जाएं। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा तय की गई जीएसटी की दरों से आम आदमी पर बोझ बढऩा तय है। बुवानीवाला ने कहा कि पिछले लोकसभा सत्र में आए जीएसटी के प्रस्ताव में अन्य सभी प्रकार के करों को समाप्त कर जीएसटी लागू करने की बात कही गई थी उसके बावजूद केन्द्रीय वित्त मंत्री अरूण जेटली ने जीएसटी में सेस लगाने का संकेत दिया है जिसका कोई औचित्य नहीं बनता। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय जन उद्योग व्यापार संगठन जीएसटी में सेस लगाने का विरोध करता है। उन्होंने कहा कि सेस लगाने के बाद इस टैक्स स्लैब में आने वाली वस्तुओं की कीमतें और अधिक बढ़ जाएंगी। ऐसे में इसका असर इन वस्तुओं की बिक्री पर पड़ेगा। बुवानीवाला ने कहा कि इन दरों के लागू होने के बाद महंगाई बढ़ेगी और कई वस्तुएं महंगी होगी। उन्होंने कहा कि 40 लाख तक वार्षिक टर्न ओवर वाले व्यापारियों को जीएसटी के कर से बाहर रखा जाएं, दैनिक जुर्माना प्रावधान हटाया जाएं तथा जीएसटी में वन इंडिया, वन टैक्स, वन विंडो में समस्या निस्तारण की प्रणाली लागू की जाएं, जिसमेंं व्यापारिक समस्याओं को समय पर निस्तारण हो सकें। बुवानीवाला ने कहा कि जीएसटी में कर की दरों को ठीक करवाने  तथा अन्य व्यापारिक समास्याओं के निस्तारण के लिए देशभर के व्यापारी 21 नवम्बर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर लामबंद होंगे और सरकार की व्यापारी विरोधी नीतियों के विरूद्ध प्रदर्शन करेंगे। बुवानीवाला ने कहा कि मोदी सरकार ने पाँच सौ व हजार रूपए की मुद्रा पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंद्ध लगाकर देश के सामने आर्थिक आपातकाल की स्थिती पैदा कर दी है। उन्होंने कहा कि इस प्रतिबंद्ध के बाद सरकार द्वारा देशभर में व्यापारिक प्रतिष्ठानों पर आयकर विभाग के छापे मारे जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार के रवैये से प्रतीत होता है कि जानबूझ कर व्यापारियों को परेशान करने के लिए इस कदम को उठाया गया है।

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